Not known Details About Is mantra ke saath:

* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।

फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।

* ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं।

गुप्त नवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

हर दिन अलग-अलग देवी का आह्वान और मंत्र जाप करें।

गुप्त नवरात्रि में घट स्थापना और पूजन विधि

मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।

घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।

अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।

कलश स्थापना कब होगी, भगवती की विदाई किस दिन है? जानते हैं एक्सपर्ट से.

चार वीर भैरों चौरासी, चार बत्ती पूजूं पान ए मिठाई,

मां दुर्गा की प्रतिमा को लाल रंग के वस्त्र में सजाएं।

Should the click here worship technique of Gupt Navratri is completed with complete devotion, restraint, and secrecy, then it may possibly not only go ahead and take seeker to spiritual heights. But it really may also give Vijayshri by liberating him from a lot of complications of lifestyle. If you wish to know more about the Gupt Navratri puja vidhi, then talk to astrologers.

कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं।

ना करे रक्षा तो महाबली भैरव की दुहाई।।

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